
त्रिपुरा के छात्र एंजेल चकमा की हत्या के मामले को उत्तराखंड राज्य सरकार ने बेहद गंभीरता से लिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि इस तरह की कोई भी घटना प्रदेश में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार अराजक तत्वों से सख्ती से निबटेगी और ऐसे घटनाओं में शामिल लोगों को बख्शा नहीं जाएगा।
त्रिपुरा के उनकोटी जिले के नंदानगर निवासी छात्र एंजेल चकमा की हत्या के मामले में अब तक पांच आरोपितों को पकड़ा जा चुका है। इनमें से दो आरोपित नाबालिग हैं, जिन्हें बाल सुधार गृह भेजा गया है। वहीं एक फरार आरोपी की धर-पकड़ के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है। फरार आरोपी की जानकारी देने वाले के लिए 25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया है। पुलिस की एक टीम उसे पकड़ने के लिए नेपाल भेजी गई है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने फरार आरोपित की जल्द से जल्द गिरफ्तारी के निर्देश पुलिस को दिए हैं। उनका कहना है कि फरार आरोपी बहुत जल्द पुलिस के शिकंजे में होगा। उन्होंने यह भी कहा कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले किसी भी हाल में सरकार से रहम की उम्मीद न रखें।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड में रह रहे हर नागरिक की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने त्रिपुरा के मृतक छात्र एंजेल चकमा के प्रति शोक व्यक्त किया और परिवार के साथ संवेदना व्यक्त की।
उत्तराखंड सरकार और पुलिस प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि कानून के उल्लंघनकर्ताओं को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और राज्य में शांति और सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।

