
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कार्यक्रम के दौरान 17 वर्षीय ताइक्वांडो खिलाड़ी छात्रा शायरा के सामने आए मामले को लेकर उठे विवाद के बीच छात्रा का नया वीडियो सामने आया है। छात्रा ने वीडियो जारी कर पूरे मामले पर अपनी स्थिति स्पष्ट की है। शायरा ने कहा कि मुख्यमंत्री के सामने वह पहली बार में अपनी पूरी बात ठीक से नहीं रख पाई थी। उसने यह भी स्पष्ट किया कि खेल में जाने के लिए बताई गई ₹1.5 लाख की राशि को उसने रिश्वत या घूस के रूप में नहीं बताया था।
मुख्यमंत्री के सामने रो पड़ी थी छात्रा
मामला 10 अगस्त को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के एक कार्यक्रम से जुड़ा है। कार्यक्रम के दौरान शायरा ने मुख्यमंत्री को बताया था कि उसने राष्ट्रीय स्तर की ताइक्वांडो प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल हासिल किया है। इसके बाद उसका चयन विदेश में होने वाली प्रतियोगिता के लिए हुआ था।
शायरा के मुताबिक, विदेश में आयोजित होने वाली प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए करीब 1.5 लाख रुपये की जरूरत थी। आर्थिक स्थिति के कारण वह इस राशि का इंतजाम नहीं कर सकी और प्रतियोगिता में शामिल नहीं हो पाई। अपनी बात बताते हुए छात्रा भावुक हो गई और मुख्यमंत्री के सामने रो पड़ी।
मुख्यमंत्री धामी ने छात्रा का हौसला बढ़ाया और अधिकारियों को मामले की जांच करने के निर्देश दिए।
कांग्रेस ने बनाया बड़ा राजनीतिक मुद्दा
घटना के बाद कांग्रेस ने मामले को लेकर सरकार पर निशाना साधा। कांग्रेस की ओर से सोशल मीडिया पर दावा किया गया कि छात्रा से विदेश जाने के लिए 1.5 लाख रुपये मांगे गए थे। पार्टी ने इस मामले को सरकार की कार्यप्रणाली से जोड़ते हुए सवाल उठाए।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि एक प्रतिभावान खिलाड़ी केवल पैसों की कमी के कारण विदेश में होने वाली प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं ले सकी। कांग्रेस ने यह दावा भी किया कि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का लाइव वीडियो बाद में हटा दिया गया था। इन आरोपों के बाद मामला राजनीतिक रूप से भी तूल पकड़ने लगा।
नए वीडियो में छात्रा ने किया स्थिति स्पष्ट
विवाद बढ़ने के बाद छात्रा शायरा का एक नया वीडियो सामने आया। इसमें उसने अपने पहले बयान और पूरे घटनाक्रम को लेकर स्पष्टीकरण दिया।
शायरा ने कहा कि मुख्यमंत्री के सामने वह अपनी पूरी बात स्पष्ट तरीके से नहीं बता पाई थी। उसने नए वीडियो में साफ किया कि 1.5 लाख रुपये की राशि को उसने किसी तरह की रिश्वत या घूस के तौर पर नहीं बताया था।
छात्रा के अनुसार, यह वह राशि थी जिसे विदेश में होने वाली प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए उसे अपनी ओर से खर्च करना था। उसने यह आरोप भी नहीं लगाया कि किसी सरकारी अधिकारी ने उससे 1.5 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी।
विदेश में प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए थी राशि
शायरा ने अपने नए वीडियो में बताया कि उसका चयन विदेश में होने वाली खेल प्रतियोगिता के लिए हुआ था। प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए यात्रा, पंजीकरण और अन्य आवश्यक खर्चों को मिलाकर करीब 1.5 लाख रुपये की जरूरत थी।
आर्थिक संसाधन उपलब्ध नहीं होने के कारण वह प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं ले सकी। इसी परेशानी को लेकर उसने मुख्यमंत्री के सामने अपनी बात रखी थी।
बयान के बाद विवाद पर लगा विराम?
छात्रा के नए वीडियो के सामने आने के बाद मामले को लेकर लगाए जा रहे रिश्वत के आरोपों पर स्थिति काफी हद तक स्पष्ट हुई है। छात्रा ने खुद कहा है कि उसने किसी सरकारी अधिकारी पर रिश्वत मांगने का आरोप नहीं लगाया था।
अब इस पूरे प्रकरण में छात्रा के मूल बयान, नए स्पष्टीकरण और कांग्रेस की ओर से लगाए गए आरोपों को अलग-अलग संदर्भ में देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री की ओर से दिए गए जांच के निर्देश के बाद संबंधित अधिकारियों की ओर से मामले में क्या तथ्य सामने आते हैं, यह आगे महत्वपूर्ण होगा।

