
हरिद्वार जिला मुख्यालय से महज़ 500 मीटर दूरी पर अवैध खनन का रातभर चलने वाला कारोबार फिर सुर्खियों में है। सिडकुल थाना क्षेत्र के पेंटागन के पीछे बरसाती नदी में जेसीबी और डंपरों से होने वाला यह धंधा खनन विभाग की नाक के नीचे चलता है, लेकिन कार्रवाई नाम मात्र की। जिला खनन अधिकारी का कार्यालय इसी रूट पर है, कर्मचारियों की रोज आवाजाही होती है, फिर भी मशीनों की गरज किसी अधिकारी को सुनाई नहीं देती।यह सवाल अब बड़ा होता जा रहा है कि मामला लापरवाही का है या खनन माफियाओं से सांठगांठ का। जिलेभर में अवैध भंडारण भी खुलेआम चल रहे हैं, जिन पर कभी-कभार होने वाली कार्रवाई कुछ घंटों बाद ही बेअसर हो जाती है। लाखों के राजस्व की चोरी के बावजूद सिस्टम खामोश क्यों है, यह सबसे बड़ा सवाल है। वहीं जिला खनन अधिकारी काज़िम रज़ा का दावा है कि सूचना मिलते ही कार्रवाई होती है,स्टेट नदी में ट्रैक्टर-ट्रॉली व डंपर पकड़ने से लेकर जेसीबी व पोकलैंड पर की गई कार्रवाई का हवाला भी दिया गया।लेकिन जमीन पर अवैध खनन की रफ़्तार बताती है कि कार्रवाई और अवैध कारोबार, दोनों साथ-साथ चल रहे हैं।

