
धामी कैबिनेट के उस फैसले को लेकर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है, जिसमें बिना भू-उपयोग परिवर्तन के कृषि भूमि पर रिजॉर्ट निर्माण की अनुमति दी गई है। कांग्रेस ने इस निर्णय को प्रदेश के भू-कानून और जमीन की सुरक्षा के खिलाफ बताते हुए सरकार पर सीधा हमला बोला है। कांग्रेस की प्रदेश प्रवक्ता प्रतिमा सिंह का कहना है कि भाजपा सरकार एक ही राज्य में दो अलग-अलग भू-कानून चला रही है। उनका आरोप है कि पहले जिन जमीनों को लैंड यूज चेंज किए बिना कमर्शियल उपयोग में नहीं लाया जा सकता था, अब उन्हें सीधे रिजॉर्ट निर्माण के लिए खोल दिया गया है। कांग्रेस का दावा है कि यह फैसला बिल्डरों और भू-माफियाओं को फायदा पहुंचाने वाला है और इससे प्रदेश की मूल पहचान को नुकसान पहुंच रहा है।
वहीं भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे विकास और रोजगार से जुड़ा फैसला बताया है। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता हनी पाठक का कहना है कि रिजॉर्ट निर्माण की अनुमति बाहरी लोगों को नहीं, बल्कि स्थानीय उत्तराखंडवासियों को दी जा रही है, जिससे युवाओं को रोजगार मिलेगा और पहाड़ी क्षेत्रों से पलायन रुकेगा। भाजपा का दावा है कि धामी सरकार उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए जनहित में फैसले ले रही है, जबकि कांग्रेस हर विकासात्मक पहल का विरोध कर केवल राजनीतिक रोटियां सेंक रही है।

