
मसूरी के पास विश्व प्रसिद्ध सिद्ध मां सुरकंडा धाम के प्रवेश द्वार कद्दूखाल बाजार में होटल निर्माण के लिए की जा रही खुदाई ने बड़ा खतरा खड़ा कर दिया। निर्माण स्थल के पास अचानक हुए भू-स्खलन से एक पुराना भवन क्षतिग्रस्त हो गया। घटना के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि प्रशासन की सतर्कता के चलते समय रहते खतरे की जद में आए दो रेस्टोरेंट, कई खोखे और मजदूरों की झुग्गियों को खाली करा दिया गया था, जिससे कोई जनहानि या पशुहानि नहीं हुई।
स्थानीय लोगों के अनुसार होटल निर्माण के लिए पहाड़ी की गहरी कटिंग किए जाने के बाद लगातार बारिश के कारण जमीन कमजोर हो गई। इसी दौरान अचानक मलबा और पत्थर खिसकने लगे, जिससे पास स्थित पुराना भवन क्षतिग्रस्त हो गया। घटना के बाद आसपास के लोगों में दहशत का माहौल बन गया और बाजार में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी की स्थिति पैदा हो गई।
सूचना मिलने पर प्रशासन और संबंधित विभागों की टीम मौके पर पहुंची तथा पूरे क्षेत्र का निरीक्षण किया। सुरक्षा के मद्देनजर खतरे वाले इलाके की निगरानी बढ़ा दी गई है। प्रशासन ने लोगों को क्षतिग्रस्त क्षेत्र से दूर रहने की सलाह दी है। स्थानीय व्यापारियों और ग्रामीणों का कहना है कि धार्मिक पर्यटन के केंद्र कद्दूखाल में तेजी से हो रहे निर्माण कार्यों के दौरान सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन कराया जाना चाहिए। उनका आरोप है कि पहाड़ियों की अंधाधुंध कटिंग भविष्य में बड़े हादसों को न्योता दे सकती है। उन्होंने निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कर दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की मांग की है।
लगातार बारिश के बीच हुई इस घटना ने एक बार फिर पर्वतीय क्षेत्रों में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते क्षेत्र को खाली नहीं कराया जाता तो बड़ा हादसा हो सकता था। प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है।
