22 अक्टूबर से 5 नवंबर तक चलेगा अभियान, श्रीनगर, देहरादून और रुद्रपुर में निकाली जाएंगी पदयात्राएं; राहुल गांधी और कांग्रेस की राजनीति पर मुख्यमंत्री ने उठाए सवाल
देहरादून उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार, 22 अक्टूबर 2026 को देहरादून स्थित भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर जनादेश का सम्मान नहीं करने, लोकतांत्रिक संस्थाओं पर सवाल उठाने और राजनीतिक असफलताओं का दोष व्यवस्था पर डालने के आरोप लगाए। इस दौरान उन्होंने घोषणा की कि भाजपा कांग्रेस के आरोपों और उसके राजनीतिक विमर्श का जवाब देने के लिए ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान चलाएगी। अभियान का पहला चरण 22 अक्टूबर से 5 नवंबर तक आयोजित किया जाएगा।
लोकतंत्र के नाम पर व्यवस्था बिगाड़ने का आरोप
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि देश में जिस तरह का माहौल बनाने का प्रयास किया जा रहा है, वह लोकतंत्र के लिए उचित नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि व्यवस्था को बाधित करने और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर सवाल खड़े करने की कोशिशें स्वस्थ लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुकूल नहीं हैं।
धामी ने कहा कि लोकतंत्र में जनता का निर्णय सर्वोपरि होता है और सभी राजनीतिक दलों को जनादेश का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस जनता के फैसले को स्वीकार करने के बजाय अपनी चुनावी असफलताओं के लिए विभिन्न संस्थाओं और व्यवस्थाओं को जिम्मेदार ठहराती है।
60 साल तक सत्ता में रही कांग्रेस पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने करीब छह दशक तक केंद्र और विभिन्न राज्यों में सरकार चलाई, लेकिन बाद में जनता ने उसे सत्ता से बाहर कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस देश को आगे बढ़ाने के बजाय पीछे धकेलने का काम करती रही है।
धामी ने कहा कि वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र में सरकार बनने के बाद से कांग्रेस भाजपा की राजनीतिक सफलता को स्वीकार नहीं कर पा रही है। उनके मुताबिक, कांग्रेस की राजनीति में यह धारणा दिखाई देती है कि देश की सत्ता और संसद पर केवल उसी का अधिकार होना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में सत्ता किसी एक राजनीतिक दल की स्थायी संपत्ति नहीं होती। जनता अपने मताधिकार के माध्यम से सरकार चुनती है और राजनीतिक दलों को उसके फैसले का सम्मान करना चाहिए।
राहुल गांधी पर भी मुख्यमंत्री ने उठाए सवाल
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी अपने राजनीतिक बयानों में नेता प्रतिपक्ष के पद की गरिमा और मर्यादा का पर्याप्त ध्यान नहीं रख रहे हैं।
धामी ने विपक्ष की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि लोकतंत्र में सरकार की आलोचना करना विपक्ष का अधिकार है, लेकिन आलोचना तथ्यों और संवैधानिक मर्यादाओं के अनुरूप होनी चाहिए। उन्होंने विपक्ष पर लोकतंत्र की गरिमा को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर कांग्रेस पर पलटवार
मुख्यमंत्री ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर कांग्रेस की ओर से उठाए जा रहे सवालों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार वर्ष 2024 के बाद इस पद पर आए, जबकि कांग्रेस को कई वर्षों से अलग-अलग राज्यों में चुनावी हार का सामना करना पड़ रहा है।
धामी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस अपनी राजनीतिक असफलताओं के लिए निर्वाचन व्यवस्था और संवैधानिक संस्थाओं को जिम्मेदार ठहराती है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में चुनावी नतीजों और जनता के फैसले को स्वीकार करना जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि संविधान की प्रति लेकर चलना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसके मूल्यों, सिद्धांतों और लोकतांत्रिक मर्यादाओं का पालन करना भी उतना ही आवश्यक है।
22 अक्टूबर से 5 नवंबर तक चलेगा भाजपा का अभियान
मुख्यमंत्री ने बताया कि भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व के निर्देश पर उत्तराखंड में ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान चलाया जाएगा। इसके माध्यम से पार्टी जनता के बीच जाकर कांग्रेस के आरोपों का जवाब देगी और लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर अपना पक्ष रखेगी।
अभियान के पहले चरण में तीन प्रमुख पदयात्राएं प्रस्तावित हैं:
– 31 अक्टूबर: श्रीनगर गढ़वाल में पदयात्रा।
– 2 नवंबर: देहरादून में पदयात्रा।
– 3 नवंबर: रुद्रपुर में पदयात्रा।
इसके बाद प्रदेश के सभी 13 जिलों में अभियान के तहत कार्यक्रम आयोजित करने की योजना है। देहरादून की पदयात्रा में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं के शामिल होने की बात भी सामने आई है।
कांग्रेस की न्याय यात्रा के बीच तेज हुई सियासत
उत्तराखंड में भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। कांग्रेस ने भी राज्य के विभिन्न हिस्सों में ‘उत्तराखंड न्याय यात्रा’ शुरू की है। ऐसे में भाजपा का नया अभियान विपक्ष के आरोपों का जवाब देने और जनता के बीच अपना पक्ष रखने की राजनीतिक पहल के रूप में देखा जा रहा है।
दोनों दलों के इन कार्यक्रमों के केंद्र में लोकतंत्र, चुनावी प्रक्रिया, जनादेश और राज्य से जुड़े राजनीतिक मुद्दे हैं। आने वाले दिनों में इन अभियानों के दौरान दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप और तेज होने की संभावना है।
मुख्यमंत्री धामी का मुख्य संदेश
प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दोहराया कि लोकतंत्र किसी एक राजनीतिक दल की जीत की गारंटी नहीं है। उन्होंने कहा कि जनता का फैसला स्वीकार करना और संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा बनाए रखना सभी राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी है।
भाजपा के प्रस्तावित अभियान के जरिए पार्टी कांग्रेस के आरोपों पर अपना पक्ष जनता के सामने रखने की तैयारी कर रही है। वहीं, कांग्रेस की ओर से उठाए गए मुद्दों और उन पर पार्टी की विस्तृत प्रतिक्रिया को भी इस राजनीतिक बहस के दूसरे पक्ष के रूप में देखा जाना महत्वपूर्ण होगा।
