
हल्द्वानी शुद्धिकरण मामले में हाईकोर्ट के फैसले के बाद उत्तराखंड में सियासत गरमा गई है। हाईकोर्ट ने पुलिस जांच में दखल देने से इनकार करते हुए याचिका निस्तारित कर दी। कोर्ट ने साफ कहा कि दोनों पक्षों की ओर से FIR दर्ज है और पुलिस मामले की जांच कर रही है, ऐसे में पुलिस को अपना काम करने दिया जाए। राज्य सरकार की ओर से निष्पक्ष जांच और CCTV समेत इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को सुरक्षित रखने का भरोसा भी दिया गया है। अब इसी फैसले को लेकर बीजेपी और कांग्रेस आमने-सामने हैं। बीजेपी प्रदेश प्रवक्ता नवीन ठाकुर ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि राहुल गांधी झूठ की दुकान चला रहे हैं। उनका कहना है कि पुराने मामलों का इतिहास देखें तो राहुल गांधी कई मामलों में बयान देने के बाद अदालत में माफी मांग चुके हैं। नवीन ठाकुर ने हाईकोर्ट के फैसले को कांग्रेस के मुंह पर तमाचा बताया और कहा कि देवभूमि में कभी जाति पूछकर राजनीति नहीं की जाती, लेकिन राहुल गांधी जाति का कार्ड खेल रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि जनता भविष्य में राहुल गांधी को नेता प्रतिपक्ष बनाने लायक भी नहीं छोड़ेगी…..कांग्रेस का कहना है कि हाईकोर्ट के फैसले को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता गरिमा दसौनी के मुताबिक, इस पूरे मामले में सरकार को ही फटकार का सामना करना पड़ा है। कांग्रेस अब अपने लीगल सेल से राय लेकर मामले को आगे की अदालत में ले जाने की तैयारी में है। कांग्रेस का आरोप है कि हल्द्वानी में जातिवाद को भड़काने का काम किया गया और पार्टी इस मुद्दे पर चुप नहीं बैठेगी।
यानी हाईकोर्ट के फैसले के बाद कानूनी लड़ाई भले ही फिलहाल पुलिस जांच तक पहुंच गई हो लेकिन इस मामले ने उत्तराखंड की सियासत में नया मोर्चा खोल दिया है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि पुलिस जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है और कांग्रेस कानूनी तौर पर अगला कदम क्या उठाती है।
