
सोशल मीडिया पर एक भ्रामक पोस्ट करने से क्षेत्र के पत्रकारों में काफी रोष है। पत्रकारों ने इस मामले में कोतवाली प्रभारी निरीक्षक को ज्ञापन सौंपते हुए पोस्ट करने वाले व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
गौरतलब है कि शनिवार को खांड गांव रायवाला स्थित नर्सिंग पीठाधीश्वर रसिक महाराज के सोशल मीडिया अकाउंट से पत्रकारिता की आड़ में गोरखधंधा शीर्षक से एक पोस्ट की गई। हालांकि इस पोस्ट में किसी पत्रकार का नाम उजागर नहीं किया गया। लेकिन पोस्ट होने के बाद क्षेत्र के पत्रकारों में काफी रोज दिखाई दिया। खास बात यह है कि पत्रकार के नाम का खुलासा करने की बात भी लिखी गई थी लेकिन दो दिन बीत जाने के बाद भी किसी का नाम सामने नहीं आया।
पोस्ट देखने के बाद क्षेत्र के पत्रकार प्रभारी निरीक्षक कमल कुमार लुंठी से मिले और बताया कि इस पोस्ट से उनकी छवि को नुकसान पहुंच रहा है। पुलिस को दी गई शिकायत में पत्रकारों ने रसिक महाराज पर उनकी छवि को धूमिल करने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है। पत्रकारों का कहना था कि इस पोस्ट से क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही है। पत्रकारों ने इस बात का भी खुलासा किया कि ऋषिकेश के एम्स में आयोजित कार्यक्रम के दौरान रसिक महाराज ने उपराष्ट्रपति के साथ अपनी फोटो एडिटिंग सभी पत्रकारों को शेयर की थी। समाचार पत्रों में उपराष्ट्रपति के साथ उनकी फोटो प्रकाशित होने के बाद ऋषिकेश पुलिस ने उन पर आईटी एक्ट के तहत मुकदमा भी पंजीकृत किया था जिसकी अभी जांच चल रही है। आरोप है कि रसिक महाराज कई राजनीतिक हस्तियों के साथ एआई से निर्मित फोटो तैयार करते हैं और उसे प्रकाशित करने के लिए मीडिया संस्थानों को भेजते हैं। ज्ञापन सौंपने वालों में चित्रवीर क्षेत्री, महेश पंवार, नवीन नौटियाल, भगतराम कपरुवान, सूरजमणी सिलस्वाल, रेखा भंडारी, जय कुमार उपाध्याय, धनेश कोठारी, दिनेश सुरियाल, राव शहजाद और राजेद्र भंडारी आदि रहे।

