उत्तराखंड के चमोली जिले के पीपलकोटी में THDC की निर्माणाधीन टनल में हुए हादसे के बाद राहत और बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शुक्रवार को चमोली पहुंचे और पीपलकोटी टनल में चल रहे रेस्क्यू ऑपरेशन का स्थलीय निरीक्षण किया।
मुख्यमंत्री ने मौके पर मौजूद प्रशासन, पुलिस, SDRF, NDRF और अन्य संबंधित एजेंसियों से रेस्क्यू अभियान की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि टनल में फंसे प्रत्येक श्रमिक को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए सभी जरूरी संसाधनों और तकनीकी विशेषज्ञता का इस्तेमाल किया जाए।
सीएम धामी ने कहा कि टनल में फंसे प्रत्येक श्रमिक को सुरक्षित बाहर निकालना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी संबंधित एजेंसियां पूरी तत्परता और समन्वय के साथ राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई हैं।

गुरुवार शाम हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, पीपलकोटी क्षेत्र में THDC की निर्माणाधीन टनल में गुरुवार शाम अचानक पानी और मलबा घुस गया। हादसे के समय टनल के भीतर कुल 22 कर्मचारी मौजूद थे। पानी और मलबा आने के बाद श्रमिकों के फंसने की सूचना मिलते ही प्रशासन और राहत-बचाव एजेंसियों को सक्रिय किया गया।
रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान अब तक 19 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है, जबकि 3 श्रमिकों की तलाश अभी जारी है। हादसे में 7 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है।
घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया
रेस्क्यू किए गए घायल श्रमिकों को प्राथमिक उपचार के बाद गोपेश्वर जिला अस्पताल लाया गया, जहां उनका उपचार किया जा रहा है। प्रशासन की ओर से अस्पताल में भी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं।

कई एजेंसियां रेस्क्यू में जुटीं
टनल के अंदर फंसे श्रमिकों की तलाश के लिए NDRF, SDRF, पुलिस और अन्य राहत एवं बचाव एजेंसियां लगातार अभियान चला रही हैं। टनल के अंदर पानी और मलबे की स्थिति को देखते हुए रेस्क्यू टीमों को काफी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में काम करना पड़ रहा है।
मुख्यमंत्री धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि बचाव अभियान में किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो और सभी एजेंसियां आपसी समन्वय के साथ लगातार काम करें। सरकार की प्राथमिकता फिलहाल टनल में फंसे 3 श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालना और राहत-बचाव अभियान को तेजी से आगे बढ़ाना है।

