
देवभूमि उत्तराखंड इन दिनों भयावह दौर से गुजर रही है। प्रदेश में दैवीय आपदा जमकर कहर बरसा रही है ऐसे में गुरुवार को रात हुई बारिश से कई जगहों पर भारी नुकसान हुआ हैं। रुद्रप्रयाग जनपद के बसौदी क्षेत्र, जखोली के पास तड़के बादल फटने से भूस्खलन हुआ, जिसमें जानमाल की क्षति की सूचना है। वहीं, गुप्तकाशी के पास गधेड़ा बनने के साथ चमोली, टिहरी और बागेश्वर जिले के कपकोट क्षेत्र में भी बादल फटने की घटनाएं हुई हैं।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि पिथौरागढ़ से लेकर उत्तरकाशी तक आपदा जैसी स्थिति बनी हुई है। उन्होंने बताया कि राहत-बचाव कार्यों को तेजी से चलाने के निर्देश दिए गए हैं और सभी जिलाधिकारी, एसडीआरएफ व एनडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंच चुकी हैं।सीएम धामी ने कहा कि क्षति का आकलन भारत सरकार की टीम करेगी। उन्होंने भरोसा जताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह प्रदेश को हर संभव सहायता प्रदान करेंगे।
भवन ध्वस्त होने से पांच लोगों की मौत बागेश्वर के पोसारी गांव में भूस्खलन से एक भवन ध्वस्त होने से पांच लोगों की मौत की सूचना है।चमोली जिले के देवाल मोपाटा गांव में अतिवृष्टि से एक आवासीय भवन भूस्खलन की चपेट में आने से दंपती की मौत हो गई।रुद्रप्रयाग के बड़ेथ डुंगर तोक में भूस्खलन के बाद एक महिला की जान चली गई, जबकि आठ लोग अभी लापता हैं। इनमें नेपाल के चार श्रमिक भी शामिल हैं। प्रदेश में नदी नाले उफान पर हैं। पौड़ी के श्रीनगर में अलकनंदा नदी का पानी बदरीनाथ हाईवे तक पहुंच गया है। उत्तरकाशी जिले में गंगोत्री व यमुनोत्री हाईवे अवरुद्ध हैं।
हल्द्वानी में हल्द्वानी-भीमताल हाईवे रानीबाग के पास भूस्खलन से अवरुद्ध हो गया है। देहरादून में दूधली के खट्टा पानी क्षेत्र में सुसवा नदी मे सात वर्षीय बालक का शव मिला है। आपदा प्रभावित क्षेत्रों में एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, पुलिस, जिला प्रशासन राहत-बचाव में जुटा है। हरिद्वार में मूसलधार वर्षा ने शहर को अस्त-व्यस्त कर दिया है। कई इलाकों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है।

