
गैरसैंण के भराड़ीसैंण स्थित उत्तराखंड विधानसभा भवन में आयोजित दो दिवसीय विधानसभा सत्र विपक्ष के भारी हंगामे के बीच अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। सदन में कांग्रेस विधायकों ने भ्रष्टाचार, अंकिता भंडारी प्रकरण और अन्य जनहित के मुद्दों पर चर्चा की मांग उठाई। विरोध के दौरान विपक्षी विधायक वेल में पहुंच गए, काले झंडे दिखाए और कागज फेंककर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
इस हंगामे के बीच सरकार ने ₹7,844.18 करोड़ का अनुपूरक बजट और कुल 10 विधेयक पारित करा दिए। विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने बुधवार दोपहर करीब 1:10 बजे सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने की घोषणा की। इस तरह विधानसभा का यह सत्र 11 घंटे भी नहीं चल सका।
विधानसभा के दूसरे दिन सुबह सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य के नेतृत्व में कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा भवन के बाहर धरना दिया। विपक्ष का कहना था कि सरकार ने सत्र की अवधि बहुत कम रखी है, जिससे जनता से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर पर्याप्त चर्चा नहीं हो पा रही है।
कांग्रेस विधायकों ने भ्रष्टाचार के आरोपों और अन्य मामलों पर सदन में चर्चा कराने की मांग की। इसके बाद सदन के भीतर भी नारेबाजी और विरोध जारी रहा। विपक्षी विधायक वेल में पहुंच गए और काले झंडे दिखाकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। अंकिता भंडारी प्रकरण को लेकर भी सदन में नारे लगाए गए।
विपक्ष ने नियम 310 के तहत इस मामले पर चर्चा कराने की मांग की। इसी मांग को लेकर कांग्रेस विधायक वेल में पहुंचे। संसदीय कार्य मंत्री सुबोध उनियाल ने विपक्ष की रणनीति की आलोचना करते हुए कहा कि विपक्ष को सदन में सरकार को घेरने का अवसर मिल रहा था, लेकिन उसने हंगामे के कारण अपना अवसर गंवाया।
जंगली जानवरों से सुरक्षा के लिए दीवार निर्माण और इस काम में स्थानीय लोगों द्वारा खर्च किए गए पैसे का मामला भी सदन में उठा। विधानसभा अध्यक्ष ने सरकार को स्थानीय लोगों का पैसा लौटाने के निर्देश दिए।
विधानसभा का फोटो सेशन भी विवाद में रहा
सत्र के दौरान विधायकों के फोटो सेशन को लेकर भी सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच मतभेद देखने को मिले। भाजपा विधायक अरविंद पांडेय ने विपक्ष के फोटो सेशन से अलग रहने पर आपत्ति जताई। सत्ता पक्ष के विधायकों ने इस पर निंदा प्रस्ताव लाने की मांग की।
वहीं, विपक्ष का तर्क था कि विधायकों के साथ हुए व्यवहार के बाद फोटो सेशन का कोई औचित्य नहीं रह गया था। विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने कहा कि नए विधायकों के फोटो सेशन का अवसर निकल गया।

