Hindi Diwas Samaroh:सीएम धामी ने हिंदी दिवस समारोह में की शिरकत, 126 विजेता विद्यार्थी को किया सम्मानित

 

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में आयोजित हिंदी दिवस समारोह में साहित्यकारों, लेखकों, भाषाविदों, छात्र-छात्राओं और हिंदी प्रेमियों को हिंदी दिवस की शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिंदी दिवस हमारी संस्कृति, सभ्यता और राष्ट्रीय चेतना के गौरव को संजोने तथा उसे नई पीढ़ी तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण अवसर है। हिंदी केवल संवाद की भाषा नहीं, बल्कि हमारी राष्ट्रीय चेतना और सांस्कृतिक पहचान की सशक्त अभिव्यक्ति है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि हिंदी ने देश के विभिन्न क्षेत्रों, भाषाओं, बोलियों और संस्कृतियों के बीच संवाद का सेतु बनकर ‘विविधता में एकता’ की भावना को मजबूत किया है। हिंदी के इसी महत्व को देखते हुए 14 सितम्बर 1949 को संविधान सभा ने हिंदी को देवनागरी लिपि में संघ की राजभाषा के रूप में स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि हिंदी दिवस अपनी भाषा, राष्ट्रीय पहचान और सांस्कृतिक गौरव पर गर्व करने का अवसर है। मुख्यमंत्री ने भारतेंदु हरिश्चंद्र की पंक्तियों “निज भाषा उन्नति अहै, सब उन्नति को मूल। बिन निज भाषा ज्ञान के, मिटत न हिय के सूल।” का उल्लेख करते हुए कहा कि अपनी भाषा केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र की उन्नति का आधार भी होती है। जो समाज अपनी भाषा को सहेजता है, वह अपनी संस्कृति और पहचान को भी सुरक्षित रखता है।

 

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय संस्कृति और भाषाओं को वैश्विक मंचों पर नई प्रतिष्ठा मिली है। प्रधानमंत्री विश्व के विभिन्न मंचों पर भारतीयता और अपनी सांस्कृतिक पहचान को आत्मविश्वास के साथ प्रस्तुत करते हैं। उन्होंने कहा कि जब हम अपनी भाषा, संस्कृति और जड़ों पर गर्व करते हैं, तो विश्व भी हमारी समृद्ध विरासत का सम्मान करता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का समय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स और डिजिटल तकनीक का है। ऐसे में हिंदी को केवल पुस्तकों और कक्षाओं तक सीमित न रखकर विज्ञान, तकनीक, शोध और डिजिटल दुनिया की भी मजबूत भाषा बनाना होगा। उन्होंने युवाओं से नई तकनीक और अन्य भाषाओं को सीखने के साथ अपनी हिंदी और मातृभाषा पर गर्व बनाए रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि तकनीक का उपयोग हिंदी को दुनिया के हर मंच तक पहुंचाने के लिए किया जाना चाहिए।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि भाषा और साहित्य का संबंध अत्यंत गहरा है। भाषा यदि शरीर है तो साहित्य उसकी आत्मा है। उत्तराखण्ड ने हिंदी और भारतीय साहित्य को अनेक महान विभूतियां दी हैं। राष्ट्रकवि सुमित्रानंदन पंत ने हिमालय और प्रकृति को अपनी कविताओं में अमर स्वर दिया। गौरा पंत ‘शिवानी’ ने उत्तराखण्ड के लोकजीवन और स्त्री चेतना को अपनी लेखनी के माध्यम से देशभर तक पहुंचाया। कवि चंद्रकुंवर बर्त्वाल ने हिमालय की संवेदनाओं को शब्द दिए, जबकि प्रसून जोशी जैसे रचनाकार इस समृद्ध साहित्यिक परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहाb कि उत्तराखण्ड की पहचान हिंदी के साथ-साथ उसकी समृद्ध लोकभाषाओं और बोलियों से भी है। गढ़वाली, कुमाऊँनी, जौनसारी, भोटिया, थारू, बंगाणी सहित प्रदेश की अनेक लोकभाषाएं और बोलियां हमारी सांस्कृतिक धरोहर हैं। राज्य सरकार हिंदी के साथ-साथ क्षेत्रीय भाषाओं, साहित्य और साहित्यकारों के संरक्षण एवं सम्मान के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा ‘दीर्घकालीन साहित्य सेवी सम्मान’ के माध्यम से जीवनभर साहित्य साधना करने वाले साहित्यकारों को पांच लाख रुपये की सम्मान राशि प्रदान की जा रही है। ‘उत्तराखण्ड साहित्य गौरव सम्मान’ के अंतर्गत हिंदी, गढ़वाली, कुमाऊँनी, जौनसारी, पंजाबी और उर्दू सहित विभिन्न भाषाओं के साहित्यकारों को सम्मानित किया जा रहा है। वहीं ‘साहित्य भूषण’ पुरस्कार के माध्यम से उत्कृष्ट साहित्यकारों को 5 लाख 51 हजार रुपये की सम्मान राशि प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि हिंदी और स्थानीय भाषाओं को डिजिटल माध्यमों से जोड़ने, ‘बुके नहीं, बुक देंगे’ जैसी पहल से पुस्तक पढ़ने की संस्कृति को बढ़ावा देने तथा रचनाकारों को पुस्तकों के प्रकाशन के लिए आर्थिक अनुदान देने का कार्य किया जा रहा है। भाषा संस्थान के माध्यम से उत्तराखण्ड के अप्रकाशित और बिखरे साहित्य के संग्रह, संरक्षण और प्रकाशन की दिशा में भी कार्य हो रहा है।

Editor1

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

Cm Chardham Baithak:चारधाम यात्रा की व्यवस्थाओं की सीएम धामी ने की समीक्षा, यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के दिए निर्देश

Tue Sep 15 , 2026
Share on Facebook Tweet it Pin it Share on Facebook Tweet it Pin it     मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से चारधाम यात्रा-2026 की व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने यात्रा से जुड़े जनपदों के जिलाधिकारियों से यात्रा मार्गों, यातायात, स्वास्थ्य एवं सुरक्षा व्यवस्थाओं की जानकारी […]

You May Like

Breaking News

पढ़ें अब विभिन्न भाषाओं में

  • News eye से जुड़ने और विज्ञापन के लिए संपर्क करें +919389292171 , newseye.work@gmail.com