Kunjapuri Mela Tehri:सीएम धामी ने किया कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास का शुभारंभ* सांस्कृतिक झांकियों का किया अवलोकन

 

 

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नरेंद्रनगर में 50वें सिद्धपीठ कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले का ध्वजारोहण कर शुभारंभ किया। उन्होंने सांस्कृतिक झांकियों का अवलोकन तथा विकास प्रदर्शनी का उद्घाटन कर विभागीय स्टॉलों का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने शहीद स्थल पर अमर शहीदों की प्रतिमाओं एवं स्वतंत्रता संग्राम शहीद स्मारक पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने मां कुंजापुरी के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्वलित कर पूजा-अर्चना भी की।

 

मुख्यमंत्री ने शारदीय नवरात्रि और मेले की स्वर्ण जयंती की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि नवरात्रि पर मेले का शुभारंभ सुखद संयोग है। अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर बेटियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में कन्याओं को मां भगवती का स्वरूप माना गया है। उन्होंने कहा कि 50वां श्री कुंजापुरी मेला लोक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और गौरवशाली परंपराओं का प्रतीक है। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को संस्कृति से जोड़ने और व्यापार, पर्यटन को बढ़ावा देते हैं। उन्होंने मेले के संस्थापक सुरेंद्र सिंह पांगती और आयोजन समिति के योगदान की सराहना की।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सांस्कृतिक एवं धार्मिक विरासत का संवर्धन हो रहा है। अयोध्या में श्रीराम मंदिर, काशी विश्वनाथ धाम और केदारनाथ-बदरीनाथ धाम में विकास कार्य इसके उदाहरण हैं। राज्य सरकार केदारखंड और मानसखंड के प्रमुख मंदिरों में सुविधाओं के विस्तार के लिए कार्य कर रही है।

 

 

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि पलायन रोकना और युवाओं को स्थानीय रोजगार उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। ‘एक जनपद-दो उत्पाद’ और ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को देश-विदेश में बाजार मिल रहे हैं। ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ ब्रांड की बिक्री 6 करोड़ रुपये से अधिक हो चुकी है। स्टेट मिलेट मिशन, एप्पल मिशन, फार्म मशीनरी बैंक, होमस्टे, पर्यटन एवं फिल्म नीति तथा ‘वेड इन उत्तराखंड’ जैसी पहलों से स्वरोजगार को बढ़ावा मिल रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य में रिवर्स पलायन में 44 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने समान नागरिक संहिता, सशक्त भू-कानून, धर्मांतरण विरोधी कानून, दंगा रोधी कानून और नकल विरोधी कानून का उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि 13 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि अतिक्रमण मुक्त कराई गई है। उन्होंने ऑपरेशन कालनेमि और अवैध मदरसों के विरुद्ध कार्रवाई का उल्लेख करते हुए कहा कि पारदर्शी भर्ती प्रक्रियाओं से 35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं में नियुक्तियां दी गई हैं।

 

मुख्यमंत्री ने टिहरी के विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि टिहरी झील के चारों ओर रिंग रोड और पर्यटन मार्ग विकसित किए जा रहे हैं। झील क्षेत्र में जलक्रीड़ा, साहसिक पर्यटन और होमस्टे को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे रोजगार बढ़ रहा है। उन्होंने नरेंद्रनगर में राजकीय पॉलिटेक्निक के उच्चीकरण, केंद्रीय विद्यालय, विधि महाविद्यालय, सभागार निर्माण, गजा अस्पताल के उच्चीकरण तथा लगभग 50 करोड़ रुपये की सीवर लाइन परियोजना का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य और आधारभूत सुविधाओं के विस्तार को प्राथमिकता दी जा रही है।

 

मेले में छोलिया नृत्य, गाडू घड़ा (तेल कलश) की परंपरा, महिषासुर मर्दिनी, प्रह्लाद की भक्ति पर आधारित नरसिंह अवतार, मां कुंजापुरी, भारत की गौरवशाली बेटियां तथा बदलता एवं बढ़ता नरेंद्रनगर सहित विषयों पर आकर्षक झांकियां प्रस्तुत की गईं। इनमें विद्यार्थियों और सांस्कृतिक दलों ने भाग लिया।

Editor1

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You May Like

Breaking News

पढ़ें अब विभिन्न भाषाओं में

  • News eye से जुड़ने और विज्ञापन के लिए संपर्क करें +919389292171 , newseye.work@gmail.com