
उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश का असर अब टिहरी बांध के जलस्तर पर भी दिखाई देने लगा है। लगातार बारिश के चलते एशिया के सबसे ऊंचे टिहरी बांध का जलस्तर बढ़कर 118.15 मीटर पहुंच गया है। आपदा प्रबंधन की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक बांध का जलस्तर 115 मीटर की चेतावनी रेखा को पार कर चुका है।
टिहरी डैम की निर्धारित चेतावनी रेखा 115 मीटर है। ऐसे में मौजूदा जलस्तर चेतावनी रेखा से करीब 3.15 मीटर ऊपर पहुंच गया है। जलस्तर में लगातार हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए प्रशासन और आपदा प्रबंधन तंत्र की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
हालांकि राहत की बात यह है कि बांध का जलस्तर अभी खतरे के निशान से करीब 11 मीटर नीचे है। इसलिए फिलहाल स्थिति खतरे के स्तर तक नहीं पहुंची है, लेकिन लगातार बारिश के कारण जलस्तर बढ़ने की संभावना को देखते हुए निगरानी बढ़ा दी गई है।
⚠️ क्यों महत्वपूर्ण है 118.15 मीटर का जलस्तर?
टिहरी बांध में जलस्तर बढ़ने का सीधा संबंध आसपास के क्षेत्रों में हो रही बारिश और बांध के कैचमेंट क्षेत्र में पानी की आवक से है। भारी बारिश के दौरान जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है। ऐसे में बांध प्रशासन और जिला प्रशासन लगातार जलस्तर तथा पानी की आवक पर नजर रखते हैं।
फिलहाल जलस्तर चेतावनी रेखा के ऊपर है, लेकिन खतरे के निशान से काफी नीचे है। आने वाले समय में बारिश की स्थिति के आधार पर बांध का जलस्तर और बढ़ या घट सकता है।

