
सोशल मीडिया पर जनता से जुड़े मुद्दों को लेकर नए-नए अभियान सामने आ रहे हैं। पेपर लीक जैसे मुद्दे पर चर्चा में आए Cocroach जनता पार्टी के बाद अब E20 जनता पार्टी नाम से एक नया अभियान सुर्खियों में है। यह अभियान पेट्रोल में इथेनॉल मिश्रण (E20) और बढ़ती ईंधन कीमतों को लेकर सवाल उठा रहा है।
E20 जनता पार्टी की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अभियान चलाया जा रहा है। इस कैंपेन के जरिए ईंधन से जुड़े मुद्दों को लेकर लोगों से जुड़ने की अपील की जा रही है। अभियान से जुड़े सोशल मीडिया अकाउंट पर 30 हजार से अधिक फॉलोअर्स होने का दावा किया जा रहा है।
इस अभियान में पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रण (E20) को लेकर सवाल उठाए गए हैं। समर्थकों का कहना है कि आम उपभोक्ताओं से जुड़े ईंधन के मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगा जाना चाहिए। सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए लोगों से पूछा जा रहा है कि क्या वे केवल ईंधन इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ता हैं या फिर ऐसे जागरूक नागरिक हैं जिन्हें अपने अधिकारों और नीतियों को लेकर सवाल पूछने चाहिए।

E20 जनता पार्टी के अभियान में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के इस्तीफे की मांग भी की गई है। साथ ही इस आंदोलन को देशभर में पहुंचाने की अपील की जा रही है।
अभियान की ओर से 4 अगस्त को संसद मार्च करने का ऐलान भी किया गया है। समर्थकों का कहना है कि संसद मार्च के माध्यम से वे अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाना चाहते हैं।
गौरतलब है कि इससे पहले सोशल मीडिया पर Cocroach जनता पार्टी नाम से एक अभियान ने पेपर लीक और छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर सुर्खियां बटोरी थीं। अब E20 जनता पार्टी के नाम से शुरू हुए इस अभियान को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है कि क्या यह सिर्फ ऑनलाइन आंदोलन रहेगा या फिर इसे जमीनी समर्थन भी मिलेगा।
हालांकि किसी भी सोशल मीडिया अभियान का वास्तविक राजनीतिक प्रभाव उसके जनसमर्थन, संगठन क्षमता और लंबे समय तक सक्रिय रहने पर निर्भर करता है। फिलहाल E20 जनता पार्टी का अभियान ईंधन नीति और पेट्रोल-इथेनॉल मिश्रण को लेकर बहस का नया विषय बन गया है।
