
कांग्रेस पार्टी केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना के विरोध में उत्तराखंड में तीन चरणों वाली एक यात्रा और हस्ताक्षर अभियान शुरू करने जा रही है। वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि उत्तराखंड में लगभग हर परिवार से कोई न कोई सदस्य सेना में है, और कांग्रेस इस योजना को रद्द करने और सैनिकों की पुरानी भर्ती प्रक्रिया को बहाल करने की मांग कर रही है। कांग्रेस ने इस योजना को देश की सुरक्षा के लिए खतरा और बेरोजगारी बढ़ाने वाला कदम बताया है। पार्टी के अनुसार, जब से यह योजना शुरू हुई है, उत्तराखंड के युवा अग्निवीर के तौर पर केवल चार साल की सेवा के लिए सेना में भर्ती नहीं होना चाहते । कांग्रेस का सैनिक प्रकोष्ठ भी इस योजना के संभावित नुकसानों को जनता के सामने उजागर कर रहा है। कांग्रेस तीन चरणों में गढ़वाल, कुमाऊं और तराई के क्षेत्र में यात्रा करके हस्ताक्षर अभियान चलाएगी और पूरा मसौदा राष्ट्रीय अध्यक्ष को सौंपा जाएगा इसके बाद इसे केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। कांग्रेस सैनिक प्रकोष्ठ के अध्यक्ष कर्नल रामरतन का कहना है की अग्निपथ योजना को लेकर उत्तराखंड के युवाओं में घोर निराशा है वह इस यात्रा के माध्यम से लोगों को अग्निपथ योजना के नुकसान के बारे में जागरूक करेंगे। 4 अक्टूबर को कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष करन महारा इस यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे।

