
राजकीय दून मेडिकल कॉलेज के पीजी हॉस्टल की निर्माण गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। महज दो साल पहले तैयार किए गए हॉस्टल की बाहरी दीवारों पर लगी टाइल्स अब निकल-निकलकर गिर रही हैं। टाइल्स गिरने से हॉस्टल परिसर में हादसे का खतरा बना हुआ है। पीजी हॉस्टल का निर्माण करीब दो साल पहले कार्यदायी संस्था पेयजल निर्माण की ओर से कराया गया था। लेकिन कम समय में ही दीवारों से टाइल्स उखड़ने और गिरने की स्थिति सामने आने के बाद निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं।
मामले को लेकर निदेशक चिकित्सा शिक्षा उत्तराखंड डॉ. आशुतोष सयाना ने कहा कि इतनी जल्दी हॉस्टल में इस तरह की खामियां सामने आना गंभीर विषय है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में कार्यदायी संस्था पेयजल निर्माण को पत्र लिखा गया है और पूछा गया है कि निर्माण के महज दो साल बाद ही इस तरह की दिक्कतें क्यों सामने आईं।
अब सवाल यह है कि लाखों-करोड़ों रुपये की लागत से तैयार किए गए इस हॉस्टल के निर्माण में गुणवत्ता के मानकों का कितना पालन किया गया और टाइल्स इतनी जल्दी क्यों उखड़ने लगीं।

