
कांग्रेस मुख्यालय देहरादून में पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बीजेपी पर पंचायत चुनावों में गड़बड़ी के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र अपनी संस्थाओं से चलता है, लेकिन बीजेपी इन संस्थाओं पर कब्जा कर रही है। रावत ने आरोप लगाया कि चुनाव की शुरुआत से ही सरकार की नीयत संदिग्ध रही। पहले चुनाव निलंबित किए गए, बाद में आरक्षण प्रक्रिया को जानबूझकर बिगाड़ा गया और चार जिलों में आरक्षण के चक्र से छेड़छाड़ कर राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश की गई।
हरीश रावत ने कहा कि विपक्षी उम्मीदवारों के नामांकन रद्द किए गए जबकि कई जगह एक से अधिक वोटर लिस्ट में नाम होने के बावजूद नामांकन स्वीकार हुए। उन्होंने पुलिस और प्रशासन पर सत्ताधारी दल के पक्ष में काम करने का आरोप लगाया। रावत ने बेतालघाट में गोलीबारी, अल्मोड़ा में धमकी और नैनीताल में कांग्रेस कार्यकर्ताओं को जबरन उठाने की घटनाओं का भी जिक्र किया।

